मखाना: सुपरफूड क्यों कहलाता है?
आज हम लोग एक ऐसे सुपर फूड के बारे में बात करने वाले हैं जिसकी पैदावार हमारे अपने देश के एक राज, बिहार में पूरी दुनिया में सबसे ज़्यादा होती है। अब तो पूरी दुनिया में अब पैदा होने लगा है और इस्तेमाल भी होता है हेल्दी फूड के तौर पर। इसको सुपर फूड इसलिए कहते हैं कि इसके अंदर बेपनाह न्यूट्रिशन भरे हुए हैं। हमारे भारतीय परंपरा में सदियों से इसका इस्तेमाल तमाम तरह की डिशेस में होता है और देसी चिकित्सा पद्धति के चिकित्सकों द्वारा आयुर्वेदिक और यूनानी फिजिशियन के जरिए अपने मरीजों की तमाम बीमारियों के इलाज में इसका इस्तेमाल होता रहा है। जी, हम लोग बात करेंगे मखाना, जिसे इंग्लिश में फॉक्स नट कहते हैं। ये एक प्लांट होता है, यूरेल फरोक्स, इसके बीज से बनता है। वाटर लिली कॉमनली कहलाता है। यह बहुत से लोगों को यह कंफ्यूजन होता है कि यह मखाना जो है वह लोटस सीड है। यह लोटस सीड नहीं है। यह तालाब में पैदा होते हैं, उससे मिलते-जुलते हैं लेकिन यह अलग प्लांट है, यूरेल फेरॉक्स, उसके बीज से बनता है।
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मखाना का निर्माण और प्रक्रिया
इसको पैदावार पानी में किया जाता है। फल के बीज को निकाला जाता है, इन बीजों को गर्म किया जाता है और उसके बाद इनको एक लकड़ी से हल्का सा पीटा जाता है, तो यह एक पटाक से आवाज आती है और उसके बाद इनके ऊपर की कवरिंग निकल जाती है और यह सामने आते हैं। इसीलिए इनको पॉप्ड सीड कहते हैं। पॉप्ड यानी ये हल्की सी आवाज करते हैं। देखिए, आपने देखा होगा जब भुट्टा बालू में भूना जाता है, तो जब वो भुते हैं तो फटफट की आवाज होती है और वो फूल जैसे खिल जाते हैं। तो ये भी ऐसे ही होता है। इसकी कवरिंग हट जाती है और खिल जाते हैं। इसीलिए इसे फूल मखाना भी कहते हैं।
मखाना की न्यूट्रीशनल वैल्यू
अगर मखाना के न्यूट्रिशनल वैल्यू की बात की जाए, तो देखिए, अगर 100 ग्राम मखाना हम लोग यूज़ करते हैं, तो इसमें तकरीबन 347 के आसपास कैलोरीज़ हैं, 77 ग्राम के आसपास कार्बोहाइड्रेट हैं, फैट बिल्कुल ना के बराबर है, 1 ग्राम है और वो भी गुड फैट है, प्रोटीन बहुत अच्छी क्वांटिटी में है, 99.7 ग्राम प्रोटीन है और फाइबर बहुत रिच है, 14.5 ग्राम फाइबर है। तो प्रोटीन और फाइबर के लिए मखाना बहुत बेहतर है। इसमें मिनरल्स देखिए, कैल्शियम, मैग्नीशियम, फास्फोरस, पोटेशियम, आयरन, ये सारे मिनरल्स इसमें पाए जा रहे हैं। सोडियम भी है, थोड़ा सा मैंगनीज भी है, इसमें आयोडीन भी है और कई तरह के मिनरल्स हैं। तो मिनरल्स का भी भंडार है। विटामिंस की अगर बात की जाए, तो भी कई विटामिन हैं, खास तौर पर थायामिन का जिक्र होगा, नायसिन भी है, फोलेट है, विटामिन ई और विटामिन के भी हैं। इसमें कई तरह के एंटीऑक्सीडेंट्स हैं। अगर हम लोग उसका जिक्र करें, तो गैलिक एसिड, क्लोरोजेनिक एसिड और इपी कैटाचिन खास एंटीऑक्सीडेंट्स हैं और भी एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं। तो इतना रिच है ये मिनरल्स में, प्रोटीन में, कार्बोहाइड्रेट में। तो ये हमारी बॉडी को ऊर्जा देने के लिए काम करता है, हमारी बॉडी को ताकतवर बना रहता है, एनर्जेटिक रखता है। जब हम मखाने का इस्तेमाल करते हैं, तो हमारी बॉडी बहुत एनर्जेटिक रहती है। प्रोटीन अच्छी क्वांटिटी में हमारी मसल बिल्डिंग में काम आता है। तो जनरल वीकनेस के लिए, ताकत के लिए, अपने आप को नर्सिंग रखने के लिए, एनर्जेटिक रखने के लिए मखाना का इस्तेमाल बहुत बेनिफिशियल है, बहुत फायदेमंद है।
मखाना और एंटीऑक्सीडेंट्स का लाभ
इसमें देखिए कई तरह के एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं और एंटीऑक्सीडेंट हमारे शरीर के लिए बहुत ज़रूरी हैं। वो ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को दूर करते हैं, फ्री रेडिकल्स नॉर्मली हमारे बॉडी में बनते हैं और उनसे हमारे शरीर को नुकसान होता है। जब एंटीऑक्सीडेंट वाली चीजें हम लोग खाते हैं, तो वो फ्री रेडिकल्स को काउंटर करते हैं, उसको रोकते हैं और हमारी बॉडी को डैमेज से बचाते हैं। तो हमें कई बड़ी बीमारियों से बचा के रखते हैं, हार्ट डिजीज, डायबिटीज, ब्लड प्रेशर, कैंसर जैसी बीमारियों से हमें बचाते हैं। हमारी इम्युनिटी को बूस्ट करते हैं, हमें एंटी-एजिंग प्रॉपर्टी देते हैं। तो चूंकि मखाने में एंटीऑक्सीडेंट बहुत अच्छी तादाद में हैं, तो इन सब चीजों में हमारी बॉडी को फायदा होता है जब हम मखाने का इस्तेमाल करते हैं।
मखाना और हार्ट हेल्थ
अगर अगले फायदे की बात की जाए, मखाने के तो हमारे हार्ट हेल्थ के लिए इसका इस्तेमाल बहुत बेनिफिशियल होता है। बहुत फायदेमंद। क्योंकि देखिए, यह कोलेस्ट्रॉल लेवल को कंट्रोल में रखता है, कोलेस्ट्रॉल को घटाता है, ट्राइग्लिसराइड को घटाता है। इसके अलावा इसमें मैग्नीशियम है, पोटेशियम है, अच्छी क्वांटिटी में और सोडियम बहुत कम है। तो यह ब्लड प्रेशर को रेगुलेट करने में मदद करता है। तो एंटीऑक्सीडेंट जो हैं, वो हार्ट को ताकत देते हैं, कोलेस्ट्रॉल लेवल कम होता है, ट्राइग्लिसराइड लेवल कम होता है और हमारा ब्लड प्रेशर मेंटेन रहता है। तो पूरा कार्डियोवैस्कुलर हेल्थ जो है, हमारी वह बहुत अच्छी रहती है जब हम मखाने का इस्तेमाल करते हैं।
मखाना और डायबिटीज प्रबंधन
अगले फायदे की अगर बात कर लें, तो डायबिटीज मेलाइटस इस दौर की बहुत बड़ी बीमारी है। मखाने का ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है, इसमें प्रोटीन है, फाइबर है, कई तरह के एंटीऑक्सीडेंट्स हैं। तो ये जो इंसुलिन है, उसके रेजिस्टेंट को घटाता है। यानी जो बॉडी हमारी इंसुलिन बना तो रही है लेकिन ठीक से इस्तेमाल नहीं हो पाता है। तो उसके इस्तेमाल को ये बेहतर करते हैं। तो ग्लूकोज के मेटाबॉलिज्म को रेगुलेट करते हैं। तो हमें डायबिटीज से बचाने में मदद करते हैं। तो जो लोग डायबिटीज से ग्रसित हैं, जिनको शुगर की बीमारी है, उनके लिए मखाना एक बहुत अच्छा हेल्दी स्नैक है। अगर उनको बार-बार क्रेविंग होती है, कुछ खाने का दिल चाहता है, तो अनहेल्दी चीजें, कभी हमने कुछ बिस्किट खा लिया, कुछ और खा लिया, उससे हमारा शुगर लेवल बहुत बढ़ता है। वो नुकसान वाली चीजें जाती हैं। उसकी जगह अगर हम मखाने का इस्तेमाल करते हैं, तो हमारा शुगर लेवल का स्पाइक नहीं होता है। शुगर नॉर्मल रहती है। तो हमें डायबिटीज से बचाने में मदद करता है। हमारी डायबिटीज को कंट्रोल में रखने में मदद करता है। मखाने का इस्तेमाल और जिनको डायबिटीज नहीं है, वह अगर हेल्दी स्नैक्स के तौर पर मखाने का इस्तेमाल करते हैं, तो वो अपने आप को डायबिटीज से बचाने में कामयाब हो सकते हैं।
वेट मैनेजमेंट में मखाना का योगदान
मखाने के अगले फायदे के बारे में बात करने से पहले आपसे रिक्वेस्ट है कि अगर अभी तक आपने इस चैनल को सब्सक्राइब नहीं किया हो, तो प्लीज़ इस चैनल को सब्सक्राइब करिए और बेल आइकन जरूर प्रेस कर लें, जिससे आने वाले हर नए वीडियो की नोटिफिकेशन सबसे पहले आपको पहुंचे। मखाने का इस्तेमाल हमारे वेट को मैनेज करने के लिए बहुत इंपॉर्टेंट है। क्यूंकि इसमें फाइबर बहुत अच्छी क्वांटिटी में है, प्रोटीन है। फाइबर जो होता है, वो हमें भरपूर बनाए रखता है, लंबे समय तक हमको भूख का एहसास नहीं होता है, जब तक हम थोड़ा बहुत खा लेते हैं। लंबे समय तक भरपूर रहते हैं और वेट लूज करने के लिए यह एक बहुत अच्छा हेल्दी स्नैक है। इसके अलावा इसमें कोई भी कैलोरी भी बहुत कम होती है। फैट भी नहीं होता है। तो वेट को मैनेज करने के लिए मखाना एक बेहतरीन हेल्दी और डाइटरी फूड है। इसके अलावा इसमें फाइबर और प्रोटीन दोनों होते हैं, जो शरीर की हेल्थ को बूस्ट करने के लिए काम आते हैं। इसके अलावा मेटाबॉलिज्म को इंहांस करते हैं, जिससे वेट मैनेजमेंट के लिए मददगार होते हैं।
मखाना के औषधीय उपयोग
अब हम बात करेंगे मखाना के औषधीय गुणों के बारे में। मखाना को आयुर्वेद में भी कई समस्याओं के लिए उपयोग किया जाता है। विशेषकर यह हमारी किडनी के लिए, दिल के लिए, पाचन तंत्र के लिए, प्रजनन अंगों के लिए बहुत अच्छा होता है। प्राचीन समय में इसे विभिन्न प्रकार की बीमारियों को ठीक करने के लिए इस्तेमाल किया जाता था। इसमें कैल्शियम और मैग्नीशियम की उच्च मात्रा होने के कारण, यह हड्डियों को मजबूत करता है और हड्डियों की बीमारियों से बचाता है। इसके अलावा यह तनाव को भी कम करता है और मानसिक स्वास्थ्य को भी बेहतर बनाता है।
मखाना और त्वचा स्वास्थ्य
मखाना का सेवन हमारी त्वचा के लिए भी बहुत फायदेमंद होता है। इसमें एंटीऑक्सीडेंट्स और विटामिन्स होते हैं, जो त्वचा की उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को धीमा कर सकते हैं। यह त्वचा को टोन और टेक्सचर सुधारने में भी मदद करता है। मखाना का सेवन हमारी त्वचा को गहराई से पोषण प्रदान करता है, जिससे त्वचा स्वस्थ और चमकदार बनती है। इसके अलावा, यह त्वचा की कई समस्याओं को भी दूर करने में मदद करता है।
मखाना: कौन से लोग इसका सेवन कर सकते हैं?
मखाना का सेवन लगभग सभी लोग कर सकते हैं, लेकिन विशेष रूप से जिन लोगों को वेट लूज़ करने की जरूरत है, या जिनके लिए हेल्दी स्नैक की तलाश है, उनके लिए यह एक आदर्श विकल्प है। गर्भवती महिलाओं और बच्चों के लिए भी यह एक स्वस्थ और पौष्टिक स्नैक हो सकता है। हालांकि, जिन लोगों को पाचन संबंधी समस्याएं हैं, उन्हें इसकी मात्रा को सीमित करने की सलाह दी जाती है।
निष्कर्ष
मखाना अपने पौष्टिक गुणों, औषधीय उपयोग, और स्वास्थ्य लाभों के कारण एक बेहद महत्वपूर्ण खाद्य पदार्थ है। इसमें प्रोटीन, फाइबर, मिनरल्स, और एंटीऑक्सीडेंट्स की प्रचुरता इसे एक सुपरफूड का दर्जा देती है। चाहे दिल की सेहत हो, डायबिटीज का प्रबंधन, वेट मैनेजमेंट या त्वचा का स्वास्थ्य—मखाना हर पहलू में बेहतरीन साबित होता है। यह न सिर्फ एक स्वादिष्ट और हल्का स्नैक है, बल्कि नियमित सेवन से अनेक बीमारियों से बचाव में भी सहायक है। सही मात्रा में सेवन करने से यह सभी आयु वर्ग के लोगों के लिए लाभदायक हो सकता है।